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रात्रि में मंदिर

विराजमान श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर

सहारा स्टेट्स, जानकीपुरम, लखनऊ
आस्था • सेवा • सनातन परंपरा • सामूहिक श्रद्धा

🔱 मंदिर की कहानी📸 फोटो गैलरी
पावन धाम

एक मंदिर नहीं, एक जीवंत आस्था

श्रद्धा, सेवा और सनातन परंपरा से जुड़ा मंदिर।

मंदिर और श्रद्धालु

शिवभक्ति और सनातन संस्कृति का संगम

विराजमान श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर में मुख्य आराध्य भगवान शिव के साथ नंदी महाराज, श्री हनुमान जी, श्री राम दरबार, माँ दुर्गा, राधा-कृष्ण, माँ काली, काल भैरव और शनि देव सहित अनेक देवी-देवताओं की आराधना की जाती है।

“सच्चे मन से जो माँगा जाए, मृत्युंजय महादेव अपने भक्त की प्रार्थना अवश्य सुनते हैं।” 🔱
मंदिर की लोक-आस्था

लगभग 100 वर्षों से चली आ रही कथा

यह कथा मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और पुजारी जी की बताई स्थानीय मान्यताओं पर आधारित है।

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लगभग 100 वर्ष पुरानी आस्था

स्थानीय मान्यता के अनुसार, आज से लगभग 100 वर्ष पहले इस पावन स्थान पर भगवान शिव का एक स्वयंभू शिवलिंग विराजमान था। समय के साथ वह स्थान और शिवलिंग धीरे-धीरे क्षीण तथा अदृश्य होता गया, लेकिन श्रद्धालुओं की स्मृतियों में उस पवित्र स्थान की कथा बनी रही।

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सिद्ध पुरुष का आगमन

कहा जाता है कि एक समय सहारा स्टेट्स में एक सिद्ध पुरुष आए। उन्होंने उस प्राचीन स्थान की पहचान की और श्रद्धालुओं से कहा कि यहाँ पुनः भगवान शिव की स्थापना कर मंदिर बनाया जाना चाहिए।

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शिवलिंग की पुनः स्थापना

कॉलोनी के कुछ श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान शिव की पुनः स्थापना और मंदिर निर्माण का कार्य शुरू किया। सिद्ध पुरुष द्वारा बताए गए स्थान से शिवलिंग को लाकर स्थापना की तैयारी की गई।

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रात में आते थे सर्प

स्थानीय पुजारी जी के अनुसार, जब शिवलिंग को कुछ समय के लिए उनके यहाँ रखा गया, तब रात में उस स्थान पर कुछ सर्प आते थे। श्रद्धालुओं ने इसे शिव से जुड़ी एक रहस्यमयी घटना के रूप में अनुभव किया।

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प्राण-प्रतिष्ठा और मंदिर निर्माण

विधि-विधान, मंत्रोच्चार और श्रद्धा के साथ शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की गई और मंदिर निर्माण आगे बढ़ा। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसके बाद सर्पों का नियमित आना बंद हो गया।

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आज भी नाग-नागिन के दर्शन की मान्यता

मंदिर के पुजारी जी बताते हैं कि कभी-कभी जब मंदिर खाली रहता है, तब दो सर्पों का जोड़ा मंदिर में आकर दर्शन करता है। इसे मंदिर की लोक-आस्था और शिव के नाग-स्वरूप से जुड़ी परंपरा के रूप में देखा जाता है।

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श्रद्धालुओं का योगदान

मंदिर निर्माण में जिन-जिन श्रद्धालुओं ने श्रम, समय, धन, सेवा या किसी अन्य रूप में योगदान दिया, उनकी सामूहिक आस्था इस मंदिर की नींव का हिस्सा बनी।

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मनोकामनाओं का विश्वास

मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सच्चे मन से मृत्युंजय महादेव से प्रार्थना करने पर भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामना सुनते हैं। वर्षों में असंख्य श्रद्धालुओं ने यहाँ दर्शन, पूजा और दान-पुण्य किया है।

भक्ति की परंपरा

श्रद्धालुओं के योगदान से बढ़ता गया यह पावन धाम

मंदिर निर्माण और धार्मिक आयोजनों में अनेक लोगों ने अपने समय, श्रम, साधन और श्रद्धा से योगदान दिया। पिछले वर्षों में असंख्य भक्तों ने दर्शन, पूजा और दान-पुण्य किया। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं की आस्था है कि भगवान मृत्युंजय महादेव की कृपा से उनकी अनेक मनोकामनाएँ पूर्ण हुई हैं।

दिव्य सान्निध्य

मंदिर परिसर के प्रमुख देवालय

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मृत्युंजय महादेव

मुख्य आराध्य भगवान शिव।

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नंदी महाराज

शिवजी के परम भक्त और वाहन।

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हनुमान जी

शक्ति, भक्ति और साहस।

🏹

श्री राम दरबार

धर्म और मर्यादा का स्वरूप।

🌺

माँ दुर्गा

शक्ति और संरक्षण।

🦚

राधा-कृष्ण

प्रेम और भक्ति का दिव्य युगल।

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माँ काली

शक्ति का स्वरूप।

⚔️

काल भैरव व शनि देव

रक्षक और न्याय के आराध्य।

चित्रात्मक कथा

मंदिर की कहानी एक नज़र में

मंदिर की चित्रात्मक कथा
सेवा • पर्व • अनुष्ठान

मंदिर की नियमित धार्मिक एवं सेवा गतिविधियाँ

विराजमान श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर में वर्ष भर श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

बड़े मंगल

🍲 प्रत्येक बड़े मंगल पर भंडारा

बड़े मंगल के पावन अवसर पर मंदिर परिवार एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से प्रत्येक मंगलवार भंडारे और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। भक्तजन सेवा, प्रसाद वितरण और सहयोग के माध्यम से इसमें सहभागी होते हैं।

श्रावण मास

🔱 सावन में रुद्राभिषेक

श्रावण मास में भगवान मृत्युंजय महादेव का विशेष रुद्राभिषेक, पूजन और मंत्रोच्चार किया जाता है। श्रद्धालु परिवार सहित भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और अभिषेक में सम्मिलित हो सकते हैं।

नवरात्रि

🌺 नवरात्रि विशेष अनुष्ठान

नवरात्रि के पावन दिनों में माता की विशेष पूजा, सामूहिक आराधना एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। पर्वों के अनुसार कार्यक्रम की विस्तृत सूचना समय-समय पर साझा की जाती है।

सामूहिक सेवा

🙏 श्रद्धालुओं की सेवा एवं सहभागिता

मंदिर की धार्मिक गतिविधियाँ श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ती हैं। सेवा सामग्री, धार्मिक आयोजन, भंडारा और अन्य पुण्य कार्यों में भक्तगण अपनी श्रद्धानुसार सहयोग करते हैं।

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Online Darshan

दूर रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के दर्शन, विशेष पूजा और प्रमुख धार्मिक आयोजनों की झलक ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

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नई झलकियाँ

पूजा, सेवा और मंदिर परिवार

मंदिर परिसर, देव प्रतिमाओं, सामूहिक भक्ति, सेवा कार्य, रुद्राभिषेक और मंदिर विकास से जुड़ी कुछ झलकियाँ।

दिव्य दर्शन

मंदिर के देवी-देवताओं के दर्शन

मंदिर परिसर में विराजमान देवी-देवताओं एवं पावन पूजन स्थलों की तस्वीरें।

मंदिर ट्रस्ट

ट्रस्टी एवं संपर्क

मंदिर की सेवा, व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों में सहयोग देने वाले ट्रस्टीगण।

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मनोज कुमार सिंह

ट्रस्टी
📞 9415021100
🔱

पी. के. दुबे

ट्रस्टी
📞 9369038800
🔱

अतुल सिंह

ट्रस्टी
📞 8896641410
🔱

राजेश यादव

ट्रस्टी
📞 9415168075
🔱

उमा शंकर द्विवेदी

ट्रस्टी
📞 9559786374
🔱

पंकज अग्रवाल

ट्रस्टी
📞 9415107200
किसी धार्मिक आयोजन, मंदिर सेवा या अन्य जानकारी के लिए उपरोक्त ट्रस्टीगण से संपर्क किया जा सकता है।
पधारिए

दर्शन एवं संपर्क

📍 मंदिर का स्थान

विराजमान श्री मृत्युंजय महादेव मंदिर
सहारा स्टेट्स, जानकीपुरम, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥